Sunday, February 25, 2024
Home मध्य प्रदेश इंदौर गणेश चतुर्थी विशेष: चार सौ वर्ष पूर्व अपने आप विराजे श्रीगणेश

गणेश चतुर्थी विशेष: चार सौ वर्ष पूर्व अपने आप विराजे श्रीगणेश

बाबा भंवरनाथ की नगरी में चमत्कारी है स्वयंभू विघ्रहर्ता

भौंरासा/देवास। शहर से लगभग 17 किलोमीटर दुर, भोपाल रोड पर स्थित बाबा भंवरनाथ कि नगरी भौंरासा अपने अंदर एतिहासिक एवं पौराणिक संदर्भो, स्थलों को समेटे हुए हैं, इन्हीं में से एक है स्वयंभू श्रीगणेश।

नगर के बीचों-बीच गणेश मोहल्ला क्षेत्र में गणेश धाम मंदिर मे स्वयं भू स्थापित श्रीगणेश की प्रतिमा संभवत संसार में पहली गणेश प्रतिमा होगी, जो किसी के द्वारा स्थापित नहीं की गई है, अपितु स्वयं भू स्थापित हो गई है। दूर-दूर से श्रद्धालु इस चमत्कारी स्वयंभू प्रतिमा के दर्शन करने आते हैं, स्वयंभू श्रीगणेश भक्तों की मनोकामनाएॅ भी पूर्ण करते है। नगर में किसी के यहां पर विवाह समारोह या शुभकार्य होते है, तो उक्त मांगलिक कार्य की पहली पाती श्री सिद्ध विनायक गणेश के यहां पर रखना कोई नहीं भुलता. बेजोड़ कारीगरी से निर्मित स्वयंभू श्रीगणेश की प्रतिमा के जो भी दर्शन करता है। एकटक देखता ही रह जाता है, इस चमत्कारी प्रतिमा के बारे में कई प्रामाणिक किस्से सुनने में आते है।

बैलगाड़ी से उतरकर स्वयं प्रतिष्ठित हुए विघ्रहर्ता

मंदिर के पुजारी महंत सदाशिव गिरी गोस्वामी, महंत मुन्नालाल गिरी गोस्वामी, महंत संतोष गिरी गोस्वामी एवं दिलीप गिरी गोस्वामी के कथनानुसार जनसम्पर्क विभाग में कार्यरत महेश कारपेन्टर एवं भौंरासा के पत्रकार साथी बताते है कि इस अदभूत, अति प्राचीन और चैतन्य प्रतिमा की स्थापना का वर्णन सुनाते कहते है. करीब 400 वर्षो पूर्व कुछ लोग जयपुर से बैलगाड़ी में प्रतिमा बागली ले जाने के लिए आए थे, अधिक समय हो जाने के कारण बागली प्रतिमा ले जा रहे श्रद्धालु रात्रि विश्राम के लिए नगर के नाथू गिरी गोस्वामी के मठ में ठहर गए. प्रतिमा को बैलगाड़ी में ही रखा रहना दिया, इन श्रद्धालुओं ने सुबह उठकर देखा तो प्रतिमा बैलगाड़ी से उतरकर अपने आप मठ में विराजमान थी। श्रद्धालुओं ने बागली ले जाने के लिए उठाने का प्रयास किया, प्रतिमा उठना तो दूर, हिली तक नहीं, आखिरकार थकहार कर वे श्रद्धालु खाली हाथ बागली लौट गए।

इस चमत्कारी घटना के उपरांत महंत तथा नगरवासियों ने विधि विधान से स्वयंभू प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। गणपति उत्सव के दिनो में यहां भक्तजनों की खासी भीड़ रहती है। आसपास क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ आते है। भगवान गणेश सभी की मनोकानमा पूर्ण करते है। स्वयंभू श्रीगणेश का मंदिर लकड़ी से बना हुआ था। इस कारण से समय के साथ साथ जर्जर हो रहा था। कुछ वर्ष पूर्व लकड़ी से निर्मित मंदिर जर्जर होकर गिरने की स्थिति में था। वर्ष 2004 में नगर पुरोहित संजय जोशी व बालकिशन गर्ग ने स्वप्रेरणा से स्वयंभू के जीर्ण शीर्ण मंदिर के पुननिर्माण का बीड़ा उठाया। इस पुनीत कार्य में नगरवासियों ने तन-मन-धन से सहयोग किया।

RELATED ARTICLES

देवास विधानसभा में पिछले तीन दशकों से रहा भाजपा कब्जा, भाजपा ने फिर गायत्रीराजे पर दिखाया भरोसा

पूर्व में किए गए विकास कार्यो को लेकर जनता के बीच जायेंगे- गायत्रीराजे पवारदेवास। जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा...

प्रवेश अग्रवाल का काफिला 1 सितंबर को निकलेगा देवास विधानसभा के गांवाें में

जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं के करेंगे मुलाकात, वरिष्ठों का लेंगे आशीर्वाद देवास। नर्मदे युवा सेना के...

रिमझिम बारीश के बीच सीहोर के बाद देवास में निकली सबसे बड़ी कावड़ एवं कलश यात्रा

बोल बम के नारो से गूंजा देवास, करीब 6 किमी यात्रा में सवा लाख से अधिक भक्त हुए शामिलदेवास। श्री सिद्धि...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment - ---- ---- ---- ---- ----

Most Popular

देवास विधानसभा में पिछले तीन दशकों से रहा भाजपा कब्जा, भाजपा ने फिर गायत्रीराजे पर दिखाया भरोसा

पूर्व में किए गए विकास कार्यो को लेकर जनता के बीच जायेंगे- गायत्रीराजे पवारदेवास। जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा...

प्रवेश अग्रवाल का काफिला 1 सितंबर को निकलेगा देवास विधानसभा के गांवाें में

जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं के करेंगे मुलाकात, वरिष्ठों का लेंगे आशीर्वाद देवास। नर्मदे युवा सेना के...

रिमझिम बारीश के बीच सीहोर के बाद देवास में निकली सबसे बड़ी कावड़ एवं कलश यात्रा

बोल बम के नारो से गूंजा देवास, करीब 6 किमी यात्रा में सवा लाख से अधिक भक्त हुए शामिलदेवास। श्री सिद्धि...

सोंधी सोंधी सी वो बरसात के पहले की महक, खेत खलिहान बगीचों में वो चिडिय़ों की चहक…..

मासिक काव्यगोष्ठी व नशिस्त में वरिष्ठ एवं युवा कलमकारों ने दी प्रस्तुतियांदेवास। मुहब्बत में वो गाम आएगा एक दिन, मेरे सिर...

Recent Comments

error: Content is protected !!